1 अगस्त 2015 - 06:25
जुमे की नमाज़ के बाद दी गई कलाम साहब को श्रद्धांजलि।

लखनऊ की ऐतिहासिक आसेफ़ी मस्जिद में आज जुमे की नमाज़ के बाद भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

लखनऊ की ऐतिहासिक आसेफ़ी मस्जिद में आज जुमे की नमाज़ के बाद भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।
भारत के उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी लखनऊ की ऐतिहासिक मस्जिद में नमाज़े जुमा के बाद देश की शान भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर ए.पी.जे अब्दुल कलाम याद किए गए और साथ ही उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गयी।
भारत के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू और लखनऊ के इमामे जुमा मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉक्टर कलाम हमारे देश का गौरव थे और हमारी युवा पीढ़ी के लिए आज भी प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा हमें उनसे सीखना चाहिए कि एक ग़रीब गांव का बच्चा कैसे आज पूरे देश वासियों के लिए गर्व का कारण बना। मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि डॉक्टर कलाम ने देश की रक्षा प्रणाली को इतना मज़बूत कर दिया है कि आज देश ख़ुद को सुरक्षित महसूस करता है। उन्होंने कहा कि हमें चाहिए की कलाम साहब को कभी न भुलाएं और उनके मार्गदर्शन को अपने जीवन का भाग बना लें।
लखनऊ के इमामे जुमा ने भारत के एक बड़े अंग्रेज़ी समाचार पत्र द टाइम्स ऑफ़ इंडिया द्वारा ईरान की इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि अगर टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने शीघ्र माफ़ी नहीं मांगी तो हम उसके बहिष्कार का एलान करेंगे।
मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी केवल शिया मुसलमानों के नहीं बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए आदर्श हैं और पूरी दुनिया के मुसलमान उनका सम्मान करते हैं।